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सरकार की सौगात के बावजूद आंदोलन पर उतारू हैं छत्तीसगढ़ के कर्मचारी, जानिए वजह !

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रायपुर | गणतंत्र दिवस पर कर्मचारियों के लिए कई सौगातें मिलने के बावजूद भी छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारी अब भी बघेल सरकार के खिलाफ आंदोलन पर उतारू हैं। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले प्रदेश भर के शासकीय अधिकारी और कर्मचारियों ने ट्विटर पर छत्तीसगढ़ सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया है।

सैकड़ों सरकारी कर्मचारी केंद्र सरकार के कर्मचारियों के समान ही भत्तों की मांग को लेकर सीएम भूपेश बघेल को ट्वीट कर रहे हैं। इसके अलावा अधिकारी और कर्मचारी बाजू में काली पट्टी लगाकर काम कर रहे हैं। फेडरेशन की मांग है कि छत्तीसगढ़ के अधिकारी और कर्मचारियों को भी केंद्रीय कर्मचारियों की तरह ही 31 प्रतिशत मंहगाई भत्ता और सातवें वेतनमान के मुताबिक गृह भाड़ा भत्ता दिया जाना चाहिए। कर्मचारी संगठन से मिली जानकारी के मुताबिक पहले आंदोलन बड़े धरने के तौर पर होने वाला था, लेकिन कोविड प्रोटोकॉल की वजह से आंदोलन को डिजिटल तरीके से किया जाना तय किया गया है। इस प्रकार से सरकारी कर्मचारी और अधिकारियों का सरकार के खिलाफ ट्विटर ट्रोल अभियान 31 जनवरी तक जारी रहेगा।

ऐसा नहीं है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने 86 कर्मचारियों को लेकर कोई प्रयास नहीं किए हैं। हाल ही में गणतंत्र दिवस के दिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों को सप्ताह में केवल 5 दिनों तक काम करने का तोहफा दिया है। इसी के साथ बघेल सरकार ने राज्य के कर्मचारियों के लिए ‘अंशदायी पेंशन स्कीम’ में सरकार का योगदान भी बढ़ाते हुए उसे 10% की जगह 14% कर दिया है।

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