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राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अम्बिकापुर के प्राचार्य एवं सरगुजा संभाग अपरसंचालक डा.शिव कुमार त्रिपाठी हुए सेवा निवृत्त…

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न्यूज डेस्क, अम्बिकापुर: गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अम्बिकापुर के प्राचार्य एवं सरगुजा संभाग अपरसंचालक डा.शिव कुमार त्रिपाठी ने अपनी अधिवार्षिकी की आयु 65 वर्ष पूर्ण करने के उपरांत अपने दिनांक 30.04.2021 को उक्त पदों से सेवा निवृत्त हो गए।

डा.त्रिपाठी उच्च शिक्षा के क्षेत्र में न केवल छत्तीसगढ़ में बल्कि देश के अनेकों प्रदेशों में जाने जाना वाला वह व्यक्तित्व है जिसने सरगुजा जिले के छोटे से ग्राम करमपुर (तत्कालीन सूरजपुर जिला) में अपनी प्राथमिक शिक्षा पूर्ण कर पूर्व माध्यमिक शिक्षा शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय जयनगर एवं शासकीय बहूद्देशिय उच्च्त्तर माध्यमिक विद्यालय अम्बिकापुर से पूर्ण करने के उपरांत शासकीय महाविद्यालय अम्बिकापुर से स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण की। डा. त्रिपाठी ने उच्च शिक्षा के अध्ययन हेतु रवि शंकर विश्वविद्यालय रायपुर के इतिहास विभाग से वर्ष 1978 में प्रवेश लिया एवं स्नातकोत्तर की उपाधि धारण करते हुए इसी वर्ष पी-एच.डी.हेतु अपना पंजीयन कराया।

डा.त्रिपाठी ने अपने शोध के दौरान ही अक्टूबर 1980 में शासकीय महाविद्यालय अम्बिकापुर के इतिहास विभाग में व्याख्याता के पद पर तदर्थ रूप से कार्य करते हुए 1984 में शोध उपाधि से विभूषित हुए और मध्यप्रदेश शासन द्वारा 1987 में सभी तदर्थ सहायक प्राध्यापकों को नियमित सेवा में लिया गया।

डा.त्रिपाठी ने शोध के क्षेत्र में काफ़ी कार्य किया है आप के निर्देशन में 16 छात्र/छात्राओं ने पी-एच.डी. की उपाधि धारण की है।साथ ही लगभग 60 छात्र/छात्राओं के लघु शोध प्रबंध का निर्देशन किया है।महाविद्यालय में 06 राष्ट्रीय शोध संगोष्ठियो जिसमें देश के विभिन्न प्रदेशों से विभिन्न विषयों के विषय विशेषज्ञों ने भाग लिया।

डा.त्रिपाठी ने अध्ययन-अध्यापन एवं शोध के क्षेत्र में जहां अपना पृथक स्थान बनाया वहीं राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत विभिन्न पदों (कार्यक्रम अधिकारी, जिला संगठक एवं विश्वविद्यालय समन्वयक) पर कार्य करते हुए सीधे समाज से जुड़ कर कार्य करने को महत्व दिया।

शायद यही कारण था कि डा.त्रिपाठी को समय-समय पर शासन ने पदोन्नतियाँ प्रदान किया।शासन द्वारा 2006 में प्राध्यापक पद पदोन्नत दी गयी, इस समय वे शासकीय कन्या महाविद्यालय अम्बिकापुर में प्रभारी प्राचार्य के रूप में कार्य कर रहे थे।इसी बीच शासन ने वर्ष मई 2009 में स्नातक प्राचार्य के रूप में पदोन्नत करते हुए शासकीय महाविद्यालय वाडरफनगर में पदस्थ कर दिया, किंतु डा.त्रिपाठी की कार्य प्रणाली को देखते हुए शासन ने पुनः 2012 में उन्हें हस्तांतरित करते हुए राजीव गाँधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अम्बिकापुर जो सरगुजा संभाग का सबसे बड़ा महाविद्यालय है में पदस्थ किया।

शासन ने प्राचार्य के साथ ही डा.त्रिपाठी को अपर संचालक उच्च शिक्षा सरगुजा संभाग का दायित्व भी दिया।इन्होंने दोनो पदों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा से किया।

पुन:शासन ने डा.त्रिपाठी को 2018 में स्नातकोत्तर प्राचार्य/ अपर संचालक के रूप में पदोन्नत करते हुए इसी महाविद्यालय में पदस्थ रखा । अपने जीवन के 40 वर्ष 07 माह 26 दिन छात्रों एवं समाज को देने वाला यह व्यक्तित्व सरगुजा में अध्ययन करने के पश्चात् उसी महाविद्यालय में शासकीय सेवा प्रारम्भ करते हुए 8 वर्ष 8 माह 16 दिन प्राचार्य/अपर संचालक के रूप में कार्य किया जो संभाग के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा सकता है।डा.त्रिपाठी की यह उपलब्धि व्यक्तिगत हो सकती है किंतु उनके द्वारा किए गए महाविद्यालय के लिए कार्य निश्चित रूप से संभाग के लिए बड़ी उपलब्धि है।

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