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एससीईआरटी में स्टेट लेवल करिकुलम फ्रेमवर्क की दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित

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राज्य के सभी क्षेत्रों के गतिविधियों को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा फ्रेमवर्क

जिले से सीमांचल त्रिपाठी, कृष्ण कुमार ध्रुव एवं किरण विंध्यराज हुए शामिल

सूरजपुर– मोहिबुल हसन…..राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद रायपुर के संचालक श्री राजेश सिंह राणा के मार्गदर्शन में एससीईआरटी के सभागार में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 निर्देश के परिपालन में छत्तीसगढ़ राज्य में साक्षरता कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु राज्य स्तरीय करिकुलम निर्माण सहकार्यशाला का आयोजन किया गया। इस करिकुलम सह कार्यशाला में सूरजपुर जिले के राज्य रिसोर्स ग्रुप से सीमांचल त्रिपाठी, व्यख्याता कृष्ण कुमार ध्रुव एवं किरण विंध्यराज के द्वारा राज्य के अनुभवी शिक्षाविदों, जिलों के डीपीओ, एसआरजी सदस्य एवं व्याख्याताओं को बुलाया गया था। इस कार्यशाला में राज्य पाठ्यचर्या की रूपरेखा कैसे तैयार की जानी है, पर गहन अध्ययन किया गया। इस कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों को 06 समूह मे बांटकर चर्चा करने टास्क दी गई। सभी समूहों के द्वारा प्रदत्त टास्क पर आपसी चर्चा-परिचर्चा एवं गहन अध्ययन कर रूपरेखा तैयार कर समूह प्रस्तुतिकरण की गई।
सबसे बेहतर छत्तीसगढ़ का प्रेमवर्क होगा तैयार :- प्रशांत पाण्डेय
राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के सहायक संचालक प्रशांत कुमार पाण्डेय ने कहा कि हमने इस वर्कशॉप में राज्य के अनुभवी शिक्षकों एवं डीपीओ की संयुक्त टीम बनाई है, जो राज्य पाठ्यचर्या की रूपरेखा तैयार करेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में प्रौढ़ शिक्षा को भी शामिल किया गया है जिसके लिए एनसीईआरटी ने अपने लिए राज्य को फ्रेमवर्क तैयार करने जिम्मेदारी दी गई है। तय समय सीमा में कार्य पूर्ण करने राज्य के अनुभवी शिक्षाविदों को बुलाकर इस पर हम कार्य कर रहे हैं जो बहुत जल्द पूर्ण कर ली जाएगी।कार्यशाला में उपस्थित सभी प्रतिभागी समूहों द्वारा टास्क पर दो दिनों तक मंथन किया गया और इस माह के अंत तक इसे पूर्ण कर समय सीमा में देने हेतु कृत संकल्पित हैं। कार्यशाला में साक्षरता का इतिहास पर दंतेवाड़ा की टीम, एडल्ट एजुकेशन की आवश्यकता और महत्व पर रायपुर की टीम, बुनियादी साक्षरता सह कौशल विकास पर सूरजपुर टीम द्वारा प्रस्तुतीकरण दिया गया। कार्यशाला में एससीईआरटी के शिक्षाविदो सहित राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के सहा. संचालक वित्त दिनेश कुमार टांक, एस0सी0एल0 प्रभारी प्रीति सिंह, कार्यक्रम समन्वयक नेहा शुक्ला, निधि अग्रवाल, कृष्णा, कविता लिखार, महेश वर्मा, दीप, यूनिसेफ सलाहकार डॉ. मनिषा वत्स व विकास भदौरिया आदि का सक्रिय सहयोग रहा।
सीमांचल त्रिपाठी के स्वरचित काव्य संग्रह पुस्तक स्वच्छंद पंछी हुई विमोचित
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रथम बस्तामुक्त विद्यालय रुनियाडीह के प्रधान पाठक सीमांचल त्रिपाठी की स्वरचित काव्य संग्रह स्वच्छंद पंछी पुस्तक का विमोचन, राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के सहायक संचालक प्रशांत कुमार पाण्डेय, यूनिसेफ सलाहकार डॉ. मनीषा वत्स व डीपीओ सरगुजा गिरीश कुमार गुप्ता के हाथों किया गया। कोरोना काल में जिले के तेरह शिक्षक क्वारंटाइन रहने के दौरान सीमांचल त्रिपाठी के सुझाव पर समसामयिक विषयो पर लेखन किया और लिखी रचनाओं को साझा संकलन अंतर्नाद के रुप मे प्रकाशित की गई, इस पुस्तक अंतर्नाद को उपस्थित शिक्षाविदो को दिया गया। सीमांचल त्रिपाठी को उनकी एकल काव्य संग्रह स्वच्छंद पंछी एवं साझा काव्य संग्रह अंतर्नाद के लिए जिले के रचनाकारों सहित साथी शिक्षकों ने शुभकामना दिया।
उल्लेखनीय है की द्वितीय दिवस कार्यशाला में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद से डॉ. एम. सुधीश, सुनील मिश्रा, दीपांकर भौमिक द्वारा प्रशिक्षार्थियों को संबोधित कर स्टेट करिकुलम फ्रेमवर्क की गुणवत्ता हेतु आवश्यक समझाइश दिया गया।

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