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अवसरवादी व्यापारी आम आदमियों के जेबों में डालने लगे डाका
गुटखा पाउच सहित किराना सामानों का बढ़ा रेट, गोदामों में होने लगा माल स्टॉक
कालाबाजारी का धंधा जोरो पर शुरू,प्रशासन खामोश क्यों…..

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सूरजपुर -मोहिबुल हसन (लोलो)…….. जिले में अभी कोरोना को लेकर न तो किसी प्रकार की सख्ती बरती गई है और ना ही कोई लाकडॉउन जैसी स्थिति बनी है मगर सावधानी को लेकर कुछ प्रशासनिक गाइडलाइन जारी होने के बाद से थोक व्यापारियों की चांदी हो गई है। जो अक्सर मजबुरी का फायदा उठाते हुए आम लोगों का दोहन शोषण में लग जाते हैं ऐसे लोग लॉकडाउन की संभावना मात्र का खौफ बताकर कालाबाजारी को बढ़ावा देने में पीछे नहीं रहते ऐसा ही कालाबाजारी का धंधा थोक व्यापारियों ने शुरू कर दिया है जिससे दैनिक उपयोगों की चीजों में फुटकर व्यापारियों ने दाम बढ़ा कर लोगो को सामान देरहे हैं ।इसे लेकर आमजनो में आक्रोश पनपने लगा है मगर प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है और थोक व फुटकर व्यापारी गरिबो का खुन चुस रहे हैं ।

मिली जानकारी के अनुसार पान गुटखा सिगरेट तंबाकू गुड़ाखू के दर तो दुगुनी हो गई हैं तो वही दैनिक उपयोगों की चीजें तेल व अन्य किराना सामानों की बिक्री पहले की अपेक्षा अधिक डर पर की जारही हैं।गुटखा पाउच सिगरेट के आदतन लोग बता रहे हैं कि पिछले तीन दिनों से यह दर पान दुकान वाले बढ़ा दिए हैं ।उनका कहना है की उन्हें थोक रेट में ही अब अधिक दर पर मिल रहा है जिससे उनकी मजबूरी है।इसी प्रकार किराना दुकान वालों का भी कहना है।सूत्र बताते हैं कि यहां थोक व्यापारी गोदामों में माल स्टॉक कर मनमानी रेट लगाकर फुटकर व्यवसायियों को सामान दे रहे हैं।आमजन ऐसे अनावश्यक रेट बढ़ने को लेकर आक्रोश भी व्यक्त कर रहे हैं मगर उनकी मजबूरी भी बन रही है कि वे खुद की जेबों पर डाका डलवायें। प्रशासन इस दिशा में पूरी तरह खामोशी अख्तियार किए हुए हैं जिससे थोक विक्रेताओं की चांदी कट रही है ऐसे लोग ऐसे अवसरों का इंतजार भी करते रहते है।

प्रशासन का कहना की दिया जाएगा समझाइश

इस संबंध में एसडीएम रवि सिंह से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि फिलहाल थोक व्यापारियों को समझाइश दी जाएगी फिर भी नहीं माने तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी अब ऐसे मौकापरस्त थोक व्यापारियों पर समझाइश कितनी कारगर होगी यह देखने की बात है। फिलहाल कोरोना संकट से पहले ऐसी अनावश्यक की संकटों का सामना आम लोगों को करना पड़ रहा है, लेकिन व्यापार करता अपना पैकिट भर रहे हैं।

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