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अलर्ट रखने वाली रिसर्च:किडनी में पथरी होने पर हडि्डयों में फ्रेक्चर होने का खतरा, पेट में निचले हिस्से में दर्द और उल्टी पथरी होने का इशारा; जानिए किडनी कैसे स्वस्थ रखें

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किडनी पर हुई नई रिसर्च चौंकाने वाली है। अमेरिकी वैज्ञानिकों का कहना है, अगर किडनी में पथरी है तो ऐसे मरीजों में हडि्डयां फ्रैक्चर होने का खतरा रहता है। यह दावा अमेरिका की स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने किया है। शोधकर्ताओं का कहना है, रिसर्च के नतीजे लोगों को जागरुक करेंगे कि पथरी होने पर हडि्डयों की जांच कराना जरूरी है।

ऐसे हुई रिसर्च
शोधकर्ताओं ने 2007 से लेकर 2015 के बीच 5,31,431 पथरी के मरीजों पर रिसर्च की। रिसर्च में सामने आया कि 23.6 फीसदी मरीजों में पथरी के इलाज के दौरान ऑस्टियोपोरोसिस या फ्रैक्चर की समस्या हुई। ये ऐसे मरीज थे जिनमें पहले कभी हडि्डयों में कमजोरी नहीं देखी गई थी।

पथरी के इलाज साथ बोन डेंसिटी टेस्ट भी जरूरी
शोधकर्ताओं का कहना है, पथरी के इलाज के समय और बाद में बोन डेंसिटी टेस्ट जरूरी है, ताकि ये पता लगाया जा सके कि हडि्डयां कमजोर हैं या नहीं। खासकर बुजुर्गों को यह टेस्ट जरूर कराना चाहिए क्योंकि बढ़ती उम्र में कैल्शियम और भी तेजी से घटता है।

ये 6 लक्षण पथरी होने का इशारा करते हैं

  • पेट के निचले हिस्से में दर्द उठना
  • जी मिचलाना या उल्टी आना
  • बार-बार पेशाब आना लेकिन खुलकर पेशाब न होना
  • पेशाब में ब्लड आना
  • बुखार आना या पसीना निकलना
  • पेशाब से अधिक बदबू आना

किडनी को स्वस्थ्य कैसे रखें और फेल होने से कैसे बचाएं?

  • सीडीसी से मुताबिक, अपने ब्लड प्रेशर को 140/90 से कम रखें या अपने डॉक्टर से सलाह लेकर ब्लड प्रेशर टार्गेट का पता करें। कम नमक वाला खाना खाएं, फल और सब्जियों की डाइट बढ़ाएं। इसके अलावा एक्टिव रहें और अपनी तय कॉलेस्ट्रॉल रेंज को बनाए रखें। साथ ही डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाइयां लेते रहें।
  • अगर आपकी किडनी फेल हो जाती है तो आपको डायलिसिस ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ती है। ऐसे में अपनी किडनी को स्वस्थ रखना और फेल होने से बचाना बहुत जरूरी है। सीडीसी के अनुसार, अगर आप जोखिम में हैं तो क्रोनिक किडनी बीमारियों की जांच कराते रहें और शुरुआत में पता लगने के साथ ही इलाज भी कराएं।
  • अगर आपको डायबिटीज है तो हर साल ब्लड और यूरीन की जांच कराएं और ब्लड शुगर रेंज में रहें। एक जगह बैठे रहने की आदत न डालें और एक्टिव रहें, क्योंकि फिजिकल एक्टिविटि ब्लड शुगर स्तर को कंट्रोल करने में मदद करती है।
  • मोटापा भी मुश्किलों का कारण बन सकता है। अगर आपका वजन ज्यादा है तो इसे कम करें और स्मोकिंग की आदत को छोड़ दें। अगर आपको क्रोनिक किडनी बीमारी है तो डायटीशियन से मिलकर किडनी को स्वस्थ्य बनाए रखने के लिए फूड प्लान तैयार करें।

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