
सूरजपुर/IRN.24… आकांक्षी ब्लॉक प्रतापपुर में कलेक्टर एस. जयवर्धन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती नन्दिनी साहू के निर्देशानुसार तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री रमेश साहू के मार्गदर्शन में जनपद पंचायत प्रतापपुर के सभा कक्ष में बाल विवाह मुक्त सूरजपुर अभियान के तहत एक दिवसीय ‘‘उन्मुखीकरण कार्यशाला जागरूकता अभियान‘‘ आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रतापपुर जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतापपुर उपस्थित रहे। कार्यशाला की अध्यक्षता अनुविभागीय अधिकारी (रा.) प्रतापपुर श्रीमती ललिता भगत द्वारा किया गया। कार्यशाला में प्रतिभागी के रूप में विकासखण्ड स्तर के समस्त अधिकारी, कर्मचारी, जनपद पंचायत प्रतापपुर के समस्त जनपद पंचायत सदस्य, महिला एवं बाल विकास से पर्यवेक्षक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यशाला में अनुविभागीय अधिकारी द्वारा अपने वक्तव्य में बताया गया कि ‘‘बाल विवाह‘‘ एक अभिशाप है जिसे हमें अपने क्षेत्र में रोकना है। ‘‘बाल विवाह‘‘ हो जाने पर बालक एवं बालिकाओं अपने शिक्षा एवं अपने अधिकार से वंचित हो जाती है और अपने जीवन को बेहतर नहीं बना पाते है। ‘‘बाल विवाह‘‘ को समय पर रोकने की जिम्मेदारी हम सभी का है यदि हम हमारे समाज, क्षेत्र, गांव एवं मोहल्ले पर ही सम्पन्न होने वाले ‘‘बाल विवाह‘‘ को रोक सकते है, और ‘‘बाल विवाह‘‘ विवाह के अभिशाप से बालक बालिकाओं को सुरक्षित कर सकते है। कार्यशाला में जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री मनोज जायसवाल द्वारा बाल विवाह करने के दुष्परिणामों के संदर्भ पर प्रकाश डाला गया जिसमें कम उम्र में बालिका का विवाह हो जाने पर बालिकों अनेक प्रकार की हिंसा का सामना करना पड़ता है। उन्हे कम उम्र की आयु में ही परिवार की रिती-रिवाज के अनुसार अपने मर्यादा में रहना पड़ता है। वैवाहिक आयु कम हो जाने पर यदि बालिका गर्भधारण करती है तो उसके बच्चें का बहुत खतरा होता है तथा अधित 18 वर्ष से कम आयु वर्ग की बालिकाऐं यदि बच्चें को जन्म देती है तो वह कुपोषित या मरा हुआ पैदा होता है। प्रतापपुर तहसीलदार सालिक राम गुप्ता के द्वारा बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले बाल विवाह को रोकने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। बाल विवाह मुक्त अभियान के लिए प्रदेश भर में युवा बालक बालिकाओं के सशक्तिकरण के सरकार निरन्तर प्रयास कर रही है। प्रतापपुर क्षेत्र को बाल विवाह से मुक्त कराने के लिए हम सब को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है। जिसके लिए हम सभी को अपने क्षेत्र में बाल विवाह की पूर्णतः रोकथाम करेगें। महिला एवं बाल विकास विभाग से जैनेन्द्र दुबे परामर्शदाता द्वारा ‘‘बाल विवाह‘‘ को पंचायत स्तर पर ही रोकने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति का गठन किया गया है जिसमें सरपंच अध्यक्ष, एवं सभी पंच, चयनित शिक्षक, सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन एवं चयनित छात्र छात्राएं सदस्य होते है, तथा पंचायत सचिव को इस समिति का भी सचिव बनाया गया है, इस तरह से पंचायत स्तर पर यह समिति बाल संरक्षण तंत्र के रूप में कार्य करती है। चाइल्ड हेल्पलाइन सूरजपुर के परियोजना समन्वयक कार्तिक मजूमदार द्वारा ‘‘बाल विवाह‘‘ की शिकायत आपके द्वारा चाइल्ड हेल्पलाइन टोल फ्री नम्बर 1098 पर आप किसी भी समय शिकायत कर सकते है। चाइल्ड हेल्पलाइन का कन्ट्रोल रूप सूरजपुर जिला मुख्यालय में स्थित है जिसमें 24 घंटे काल उठाने के लिए उपस्थित रहते है। बाल विकास परियोजना अधिकारी द्वारा सभी से अपील किया गया कि किसी भी परिस्थिति में हम सभी को प्रतापपुर विकासखण्ड को बाल विवाह से मुक्त कराना है तथा एक भी ‘‘बाल विवाह‘‘ अपने विकासखण्ड में नहीं होने देना है। उक्त कार्यालय में उपस्थित सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों को अपने परिवार, समाज एवं क्षेत्र, गांव, मोहल्ले में ‘‘बाल विवाह‘‘ नहीं होने देने हेतु नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतापपुर श्रीमती मानती सिंह द्वारा सभी को शपथ दिलाया गया। उक्त कार्यालय की संचालन श्री अमित भारिया विधिक सह परिवीक्षा अधिकारी द्वारा किया गया। कार्यशाला में विकासखण्ड प्रतापपुर के तहसीलदार, नायब तहसीलदार, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, समस्त जनपद पंचायत सदस्य, नगर पंचायत प्रतापपुर के वार्ड पार्षद, पुलिस विभाग के कर्मचारी एवं महिला एवं बाल विकास के पर्यवेक्षक एवं कार्यकर्ता, व अन्य लोग उपस्थित रहे।