-शासन की योजना का भौतिक रूप से मूर्तरूप लेना सबसे अहमः राज्यपाल
-बाल विवाह जैसी कुरीति जड़ से हो समाप्त
-कृषि बंधु जैविक खेती की ओर बढ़े व इसके साथ ही जैविक खेती हो पुर्नविस्थापित
सूरजपुर/IRN.24…छत्तीसगढ़ राज्य के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने अपने एक दिवसीय सूरजपुर प्रवास के दौरान जिला संयुक्त कार्यालय के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आज सर्व विभाग प्रमुखों की समीक्षा बैठक ली। राज्यपाल द्वारा कलेक्टर श्री एस जयवर्धन से जिले के प्रशासनिक सेट-अप के साथ साथ जिले की सामान्य जानकारी लेते हुए मीटिंग की शुरुआत की। जिसमें उन्होंने विभागों के संबंधित अधिकारियों द्वारा शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन कैसे किया जा रहा है इस संबंध में जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की योजना का भौतिक रूप से मूर्तरूप लेना सबसे अहम है। इसके लिए आवश्यक है कि अधिकारी प्रत्येक स्तर पर योजना की समीक्षा करे और यह सुनिश्चित करे कि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही को मिले। उन्होंने सभी अधिकारियों को भौतिक निरीक्षण के साथ साथ नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष बल देने की बात कही।
उन्होंने जल संरक्षण अभियान को प्राथमिकता के साथ जिले में लागू करने की बात कही ताकि पानी की कमी से जुझने वाले क्षेत्र में भूमिगत जल के लेवल को बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा जन संरक्षण से संबंधित केंद्र व राज्य शासन की योजनाएं जिसमें जल शक्ति अभियान व अन्य शामिल है, ये सभी शासन की दूरदर्शी योजनाएं है, जिनका उद्देश्य आने वाले भविष्य के लिए सुरक्षा कवच तैयार करना है। बैठक में पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी अहम चर्चा की गई। जिसमें पौधा रोपण के पश्चात रोपित पौधो का सर्वाइवल रेट बेहतर हो इस बात पर विशेष फोकस रखने की बात कही गई। उन्होंने ’’एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के सफल कियान्वयन के लिए सभी को अपनी सहभागिता प्रस्तुत करने की बात कही।
कृषि बंधु जैविक खेती की ओर बढ़े व इसके साथ ही जैविक खेती पुर्नविस्थापित हो इसके लिए राज्यपाल ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। उन्होंने कहा छत्तीसगढ़ की पहचान कृषि से है, इसलिए आवश्यक है कि यहां के कृषक बंधुओं द्वारा की जा रही खेती से उन्होंने लाभ मिले और उनके जीवन में वैल्यू एडिशन हो। उन्होंने उप संचालक कृषि को ज्यादा से ज्यादा मृदा परीक्षण करवाने के निर्देश दिये ताकि कृषक बंधु इस बात से परिचत हो सके कि उन्हें अपने खेत में कौन से पोषक तत्वों की आवश्यकता है और वैज्ञानिक पद्धति के साथ जुड कर वो बेहतर फसल प्राप्त कर सके।
बैठक में बाल विवाह जैसी कुरीति को जड़ से समाप्त करने के लिए ज्यादा से ज्यादा जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिये गये। जिले के विद्यार्थी, बच्चे व युवक सकारात्मक दिशा में आगे बढ़े और उनका बेहतर भविष्य निर्माण हो इसके लिए उनके सामाजिक और नैतिक पहलुओं पर शैक्षणिक स्थानों को विशेष बल देने का बात कही। इसके साथ ही ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों को एनसीसी जैसे कार्यक्रमों से जोड़ने के निर्देश दिये गये ताकि विद्यार्थी अनुशासन के महत्व को समझे और उनका सर्वांगीण विकास हो। बैठक में पर्यटन स्थलों को लेकर भी चर्चा की गई। जिन्हें योजनाबद्ध तरीके से विकसित करने के निर्देश दिये गये ताकि अन्य जिले व अन्य राज्य से लोग जिले के पर्यटन स्थल के ओर अकर्षित हो और उनका आवागमन जिले में बढ़े। ट्रेफिक नियमों को लेकर उन्होंने युद्ध स्तर पर अभियान चलाने व टेªफिक नियमों का कड़ाई से पालन हो इसके निर्देश दिये।
बैठक में अन्य महत्पूर्ण बिंदुओं पर भी विस्तापूर्वक चर्चा विभागवार की गई। जिसमें में जल-संचयन हेतु नागरिकों को प्रोत्साहित करना, स्वच्छता के साथ जीवन शैली पर विशेष ध्यान देना, बेहतर स्वास्थ्य के लिए नियमित योग/व्यायाम के प्रति लोगों को जागरूक करने, टी.बी. का उन्मूलन, बाल लिंगानुपात के प्रति जागरूकता बढ़ाना एवं लड़कियों के स्कूल छोड़ने की दर को कम किये जाने, बच्चों की शिक्षा, विशेष रूप से श्रम करने वाले बच्चों एवं अनाथ बच्चों पर ध्यान दिये जाने, समुचित पुस्तकालय/वाचनालय की उपलब्धता, स्कूल/कॉलेजों में सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं के माध्यम से कैम्पेन, मैगजीन, शिविर एवं अन्य कार्यक्रमों का सतत आयोजन करने, राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण और उनके प्रति गर्व का भाव बढ़ाने एवं परिवार एवं राष्ट्र के महापुरूषों के प्रति सम्मान का भाव, असहाय / परित्यक्त्त वृद्धजनों की सहायता, भिक्षुकों के लिए मन्दिर / गुरुद्वारों एवं अन्य सामाजिक संगठनों के सहयोग से उनके रहने-खाने की व्यवस्था करने, ग्रामीण एवं शहरी महिलाओं के कौशल का उपयोग कर उनकी आय बढ़ाने, स्वयं सहायता समूहों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, नशा / मद्यपान से ग्रसित लोगों के लिए सुधारात्मक उपाय/नशामुक्ति के लिए कार्यक्रम करने, जनजातीय एवं वनवासी क्षेत्रों में शिक्षा एवं चिकित्सा सुविधाओं का विकास तथा इंडियन रेडकॉस सोसायटी जिला शाखा की गतिविधियों के संबंध में चर्चा की गई। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत कुमार ठाकुर, अपर कलेक्टर श्री जगन्नाथ वर्मा, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती कमलेश नंदिनी साहू, सर्व एसडीएम व जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।