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कुदरगढ़ महोत्सव के सम्मापन दिवस पर मुख्यमंत्री का होगा आगमन

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-मां बागेश्वरी माता का आशीर्वाद प्राप्त कर प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि की करेंगें कामना

सूरजपुर/(IRN.24…) चैत्र नवरात्र के अवसर पर तीन दिवसीय कुदरगढ़ महोत्सव का आयोजन 02 से 04 अप्रैल तक किया जा रहा है। महोत्सव के अंतिम दिवस 04 अप्रैल पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होगें और मां बागेश्वरी माता का आशीर्वाद प्राप्त कर प्रदेश वासियों के सुख समृद्धि की कामना करेंगें और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का हिस्सा बनेगा। इस अवसर पर उनके द्वारा विभिन्न विभागों द्वारा लगाये गये स्टालों का निरीक्षण किया जायेगा। इसके साथ ही जिले के विकास को गति देने के लिए 105 करोड़ 43 लाख 51 हजार के कार्याे का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया जायेगा।

सूरजपुर जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी ओडगी विकासखंड में लगभग 1500 फीट ऊंचे पहाड़ पर स्थित कुदरगढ़ में मां बागेश्वरी देवी का मंदिर हिंदू धर्म का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। पहाड़ी की चोटी पर स्थित मंदिर तक चढ़ने के लिए लगभग 900 सीढ़ियाँ हैं। सीढ़ियों से मंदिर तक पहुंच मार्ग में तीर्थयात्रियों को मनोरम वॉटरफॉल भी देखने को मिलता हैं। राजा बालम का किला,पहाड़ी से गिरता जलधारा सूरजधारा सहित विजय कुंड प्रमुख दर्षनीय स्थल है। क्वांर और चौत्र नवरात्रि के समय में यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां पर श्रद्धालु न केवल इस राज्य से बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से यहां पहुंचते हैं। इस मंदिर की मान्यता है कि जो भी भक्त यहां सच्चे में मन से पूजा करते हैं उनकी हर मनोकामना पूरी होती है। नवरात्रि के दौरान यहां पर 10 दिनों तक विशाल मेले का आयोजन होता है। मां भगवती आदि शक्ति जगत जननी बागेश्वरी देवी के रूप में कुदरगढ़ के पावन धरा पर विराजमान हैं। यह मंदिर चारो तरफ से घने जंगलों और ऊंची-ऊंची पहाड़ियों से घिरा हुआ है। यह स्थल अपने भौगोलिक स्थिति के कारण मनोरम वातावरण निर्मित करता है।

भारत सरकार के प्रसाद योजना के तहत धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस प्रसाद योजना के तहत देश के पर्यटन स्थलों के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए राज्य सरकारो को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। कुदरगढ़ मंदिर के कायाकल्प के लिए इसे ’प्रसाद’ योजना में भी शामिल किया गया है। इसके अलावा मां बागेश्वरी देवी के महिमा को देखते हुए इस धाम को राज्य शासन के द्वारा राज्य के पांच शक्तिपीठ को जोड़ने के लिए शक्तिपीठ परियोजना में भी शामिल किया गया है।

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