Indian Republic News

उज्जवल दीवान और पुलिस परिवार पूर्व डीजीपी गिरधारी नायक और नगरसेना कमाण्डेन्ट लक्ष्मी प्रसाद वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने सुरगी चौकी पहुँचा

0

- Advertisement -

राजनंदगांव/irn.24… नगरसेना के जवान तिजउ राम मण्डावी की आत्महत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है अब इस मामले में सँयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ ने मृत जवान और नगर सेना के जवानों को न्याय दिलाने के लिए मोर्चा संभाल लिया है। आपको बता दें कि 21/12/2025 को राजनांदगांव जिले में पदस्थ नगर सेना के जवान तिजउ राम मण्डावी ने पूर्व डीजीपी गिरधारी नायक और कमाण्डेन्ट लक्ष्मी प्रसाद वर्मा के खिलाफ लिखित आरोप लगाते हुए आत्महत्या कर लिया था जिसकी मर्ग जांच सुरगी पुलिस चौकी जिला राजनंदगांव के द्वारा की जा रही है। मृतक तिजउ राम मण्डावी के परिजनों ने सँयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ के अध्यक्ष उज्जवल दीवान को पत्र लिख कर न्याय दिलाने की माँग की थी।

उज्जवल दीवान ने हमें बताया है कि मृतक नगरसेना के जवान तिजउ राम मण्डावी ने आपने आत्महत्या पत्र में अपनी मौत के लिए पूर्व डीजीपी गिरधारी नायक और नगरसेना कमाण्डेन्ट एल पी वर्मा को जिम्मेदार बताया है और उनके खिलाफ पुलिस के द्वारा अभी तक कोई ठोस कार्यवाही नही की गई है इनकी जगह कोई सामान्य व्यक्ति होता तब उसके खिलाफ अब तक पुलिस कार्यवाही कर चुकी होती लेकिन ये जिम्मेदार लोग बड़े पदों पर हैं इसलिए इनके खिलाफ कार्यवाही करने के लिए पुलिस को भी सोचना पड़ रहा है। वर्तमान में नगर सेना के जवानों को 19500 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाता है इतने कम पैसों में परिवार चलाना बहुत मुश्किल है इसलिए नगरसेना जवानों के वेतन-भत्तों, सुविधाओं को बढ़ाने के लिए सँयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ के द्वारा लगातार काम किया जा रहा है और नगरसेना के जवानों तथा मृतक तिजउ राम मण्डावी व उनके परिवार को न्याय दिलाने के लिए सँयुक्त पुलिस परिवार पूर्व डीजीपी गिरधारी नायक और कमाण्डेन्ट एलपी वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने सुरगी पुलिस चौकी जिला राजनंदगांव आएं हैं और अपना पत्र थाना प्रभारी को सौंप दिए हैं थाना प्रभारी ने निष्पक्ष जाँच कर उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि आत्महत्या पत्र को हैंडराइटिंग जांच के लिए भेजा जाएगा तथा मृतक के परिजनों व सहकर्मियों का कथन भी लिया जाएगा उसके बाद हैंडराइटिंग मिलान व गवाहों के बयान के आधार पर पर्याप्त साक्ष्य होने के बाद ही एफआईआर लिया जा सकेगा।वहीं दूसरी तरफ उज्जवल दीवान ने पीड़ित परिवार को जल्द न्याय नही मिलने की स्थिति में बड़ा आंदोलन करने की बात कही है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.