आरक्षक से प्रधान आरक्षक और प्रधान आरक्षक से सहायक उपनिरीक्षक पदोन्नति प्रकरण की उच्च न्यायालय बिलासपुर में हुई सुनवाई शासन से 3 सप्ताह में माँगा जवाब।
irn 24…/सँयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ की तरफ से संगठन के अध्यक्ष उज्जवल दीवान के द्वारा लगाए गए “पुलिस विभाग में आरक्षक से प्रधान आरक्षक और प्रधान आरक्षक से सहायक उपनिरीक्षक” पदोन्नति प्रकरण की याचिका पर बिलासपुर उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। जस्टिस माननीय श्री पार्थ प्रीतम साहू के न्यायालय में सुनवाई के दौरान पुलिस परिवार की तरफ से अधिवक्ता जानू खरे ने पैरवी की जिसमें न्यायालय को बताया कि माननीय उच्च न्यायालय ने 13/12/2024 को आरक्षक से प्रधान आरक्षक और प्रधान आरक्षक से सहायक उपनिरीक्षक पदोन्नति की एसओपी को गलत नियम होने की वजह से निरस्त कर दिया था तब से अब तक छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग ने नया एसओपी नही बनाया है और पुलिस विभाग के अधिकारी अपने मर्जी से आरक्षक से निरीक्षक स्तर के कर्मचारियों के लिए नियम बना देते हैं, जो राज्य सरकार और केंद्र सरकार के मंशा के विपरीत होता है इस से तृतीय श्रेणी के जवानों को बहुत ज्यादा नुकसान होता है, इसलिए पिछले 2 वर्षों से पुलिस विभाग में आरक्षक से प्रधान आरक्षक और प्रधान आरक्षक से सहायक उपनिरीक्षक पदोन्नति रुकी हुई है जिसके कारण पुलिस विभाग के जवानों की समय से पदोन्नति नही हो पा रही है, जवान अपने भविष्य को लेकर बहुत चिंतित हैं और जवानों के अंदर काफी रोष व्याप्त है यदि जवानों की समय से पदोन्नति नही हुई तो जवान अपने कार्यक्षेत्र में बहुत पीछे हो जाएंगे और भविष्य में होने वाले पदोन्नतियों में जवानों को नुकसान उठाना पड़ेगा, शासन और पुलिस विभाग की तरफ से अधिवक्ता सुयश धर बड़गइया ने पक्ष रखा और जवाब दाखिल करने के लिए न्यायालय से 3 सप्ताह का समय माँगा। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुना और शासन तथा पुलिस विभाग को जवाब दाखिल करने के लिए 3 सप्ताह का समय दिया है मामले की अगली सुनवाई 3 सप्ताह बाद होगी। जवानों को न्याय दिलाने के लिए पुलिस कर्मचारियों के हक व अधिकारों के लिए लड़ने वाले संगठन “सँयुक्त पुलिस कर्मचारी एवँ परिवार कल्याण संघ” ने संगठन के अध्यक्ष उज्जवल दीवान के माध्यम से बहुत सी याचिकाएं उच्च न्यायालय बिलासपुर में जवानों को समय से पदोन्नति, अधिकार, आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए लगाई है जिनमें बहुत जल्द रिजल्ट आने की संभावना है।
